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10 दिनों में कैसे कम करें अपना वजन

कहते हैं शरीर भगवान का दिया हुआ सबसे नायाब तोहफा है जिसका हम सभी को ख्‍याल रखना चाहिए। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास बात करने तक का टाइम नहीं हैं ऐसे में अगर आप अपने बढते वजन से परेशान हैं तो बस कहने से वजन कंट्रोल नहीं होगा इसके लिए बस आपको अपने खान पान और डेली रूटीन पर  नजर डालनी होगी।

रोज एक्‍सरसाइज करें-  एक्‍सरसाइज करने का मतलब ये नहीं कि कल से आप जिम ज्‍वाइन कर लें या फिर लम्‍बी दौड़ पर निकल जाएं। इसके लिए रोज सुबह ताजी हवा में करीब 15 मिनट टहलें और धीरे-धीरे अपने टहलने का समय बढ़ाते जाएं।

ढेर सारा पानी पिएं- पानी का शरीर के भार से काफी गहरा रिश्‍ता है। रोज जितना हो सके ढेर सारा पानी पिएं ताकि शरीर में ज्‍यादा से ज्‍यादा मेटाबॉलिक एक्‍टीविटी होती रहे।    समय से सोएं- समय से सोना न सिर्फ आपके मन को खुश रखेगा बल्‍कि आपके वेट को भी कम करता है इसलिए दिनभर में कम से कम 8 घंटे की नींद लें और सोनें से 2 घंटे

पहले खाना खाएं-  कैसे बनाएं अपना डायट चार्ट- हमेशा ताजे फल खाएं- हमेशा ताजे फल ही खाएं जिनमें एंटी ऑक्‍टिडेंट की मात्रा अधिक हो जैसे संतरा, नीबूं। चिप्‍स, तली भूजीं चीजों से परहेज करें और लो कैलोरी वाली चीजें खाएं।

खानें पर कंट्रोल करें- खाने पर कंट्रोल करना आपके लिए हो सकता है काफी मुश्‍किल काम हो लेकिन अगर वजन कम करना है आपको अपने खाने पर थोड़ा कंट्रोल जरूर करना पड़ेगा। खाने में मीठे की मात्रा कम लें और हाईकैलोस्‍ट्रॉल वाले पकवानों से बचें।

हमेशा बैठे न रहें- अगर आप ऐसी जगह जॉब करते हैं जहां पर दिन भर बैठे बैठे काम करना पड़ता है तब तो आपको अपने खाने पीने पर खास ध्‍यान रखना होगा। ऑफिस में अपने शरीर थोड़ा एक्‍टिव बनाए रखने के लिए बीच-बीच में थोड़ा ब्रेक लें।

रात में हल्‍का भोजन करें- अक्‍सर रात में हम सभी पेटभर कर खाना खा लेते हैं और अगर किसी पार्टी में जाना हो फिर कहने ही क्‍या, लेकिन दोस्‍तों रात में सोने के बाद हमारे शरीर की सभी एक्‍टीविटी धीमी हो जाती है जिसमें खाना पचाने की क्रिया भी शामिल है इसलिए रात में हो सके तो हल्‍का खाना ही खाए ताकि वो आसानी से कम समय में पच जाए और आपके शरीर में अतिरिक्‍त चर्बी जमा न होने पाए।

 अपना डायट चार्ट लगाए- अगर आप अपने डायट पर सहीं समय में कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं तो उसका एक चार्ट बना लें जिसमें सुबह के नाश्‍ते से लेकर दोपहर के खाने और रात के खाने का मेनू और समय लिखा हो और उस डायट चार्ट को फॉलो भी करें।

फूड डायरी बनाएँ- अगर आप डाइट कंट्रोल करने और जिम जाने के बावजूद मोटापा एक सेंटीमीटर भी कम नहीं कर पाए हैं, तो आपको एक फूड डायरी जरूर बनाना चाहिए। आप सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक जो भी खाएँ या पिएँ उसका रिकॉर्ड तैयार करें। यह कार्य आपको स्लिम बनाने में काफी मदद करेगा।


पहला अध्याय
(1)
तीनो लोको के स्वामी सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु को नमन करते हुए मै एक राज्य के लिए नीति शास्त्र के सिद्धांतों को कहता हूँ. मै यह सूत्र अनेक शास्त्रों का आधार ले कर कह रहा हूँ।
(2)
जो व्यक्ति शास्त्रों के सूत्रों का अभ्यास करके ज्ञान ग्रहण करेगा उसे अत्यंत वैभवशाली कर्तव्य के सिद्धांत ज्ञात होगे। उसे इस बात का पता चलेगा कि किन बातों का अनुशरण करना चाहिए और किनका नहीं। उसे अच्छाई और बुराई का भी ज्ञात होगा और अंततः उसे सर्वोत्तम का भी ज्ञान होगा।
(3)
इसलिए लोगो का भला करने के लिए मै उन बातों को कहूंगा जिनसे लोग सभी चीजों को सही परिपेक्ष्य मे देखेगे।
(4)
एक पंडित भी घोर कष्ट में आ जाता है यदि वह किसी मुर्ख को उपदेश देता है, यदि वह एक दुष्ट पत्नी का पालन-पोषण करता है या किसी दुखी व्यक्ति के साथ अतयंत घनिष्ठ सम्बन्ध बना लेता है.
(5)
दुष्ट पत्नी, झूठा मित्र, बदमाश नौकर और सर्प के साथ निवास साक्षात् मृत्यु के समान है।
(6)
व्यक्ति को आने वाली मुसीबतो से निबटने के लिए धन संचय करना चाहिए। उसे धन-सम्पदा त्यागकर भी पत्नी की सुरक्षा करनी चाहिए। लेकिन यदि आत्मा की सुरक्षा की बात आती है तो उसे धन और पत्नी दोनो को तुक्ष्य समझना चाहिए।
(7)
भविष्य में आने वाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करें। ऐसा ना सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी? जब धन साथ छोड़ता है तो संगठित धन भी तेजी से घटने लगता है।
(8)
उस देश मे निवास न करें जहाँ आपकी कोई ईज्जत नहीं हो, जहा आप रोजगार नहीं कमा सकते, जहा आपका कोई मित्र नहीं और जहा आप कोई ज्ञान आर्जित नहीं कर सकते।Tt
(9)
ऐसे जगह एक दिन भी निवास न करें जहाँ निम्नलिखित पांच ना हो :
1. एक धनवान व्यक्ति
2. एक ब्राह्मण जो वैदिक शास्त्रों में निपुण हो
3. एक राजा
4. एक नदी
5. एक चिकित्सक
(10)
बुद्धिमान व्यक्ति को ऐसे देश में कभी नहीं जाना चाहिए जहाँ :
1. रोजगार कमाने का कोई माध्यम ना हो
2. जहा लोगों को किसी बात का भय न हो
3. जहा लोगो को किसी बात की लज्जा न हो
4. जहा लोग बुद्धिमान न हो
5. जहाँ लोगो की वृत्ति दान धरम करने की ना हो
(11)
नौकर की परीक्षा तब करें जब वह कर्त्तव्य का पालन न कर रहा हो,
रिश्तेदार की परीक्षा तब करें जब आप मुसीबत मे घिरें हों,
मित्र की परीक्षा विपरीत परिस्थितियों मे करें,
और जब आपका वक्त अच्छा न चल रहा हो तब पत्नी की परीक्षा करे।
(12)
अच्छा मित्र वही है जो हमे निम्नलिखित परिस्थितियों में नहीं त्यागे:
आवश्यकता पड़ने पर,
किसी दुर्घटना पड़ने पर,
जब अकाल पड़ा हो,
जब युद्ध चल रहा हो,
जब हमे राजा के दरबार मे जाना पड़े,
और जब हमे समशान घाट जाना पड़े।
(13)
जो व्यक्ति किसी नाशवंत चीज के लिए कभी नाश नहीं होने वाली चीज को छोड़ देता है, तो उसके हाथ से अविनाशी वस्तु तो चली ही जाती है और इसमे कोई संदेह नहीं की नाशवान को भी वह खो देता है।
(14)
एक बुद्धिमान व्यक्ति को किसी इज्जतदार घर की अविवाहित कन्या से किस वयंग होने के बावजूद भी विवाह करना चाहिए। उसे किसी हीन घर की अत्यंत सुन्दर स्त्री से भी विवाह नहीं करनी चाहिए। शादी-विवाह हमेशा बराबरी के घरो मे ही उिचत होता है।
(15)
इन 5 पर कभी विश्वास ना करें :
1. नदियां,
2. जिन व्यक्तियों के पास अश्त्र-शस्त्र हों,
3. नाख़ून और सींग वाले पशु,
4. औरतें (यहाँ संकेत भोली सूरत की तरफ है, बहने बुरा न माने )
5. राज घरानो के लोगो पर।
(16)
अगर हो सके तो विष मे से भी अमृत निकाल लें, यदि सोना गन्दगी में भी पड़ा हो तो उसे उठाये, धोएं और अपनाये, निचले कुल मे जन्म लेने वाले से भी सर्वोत्तम ज्ञान ग्रहण करें, उसी तरह यदि कोई बदनाम घर की कन्या भी महान गुणो से संपनन है और आपको कोई सीख देती है तो गहण करे.
(17)
महिलाओं में पुरुषों कि अपेक्षा: भूख दो गुना, लज्जा चार गुना, साहस छः गुना, और काम आठ गुना होती है।

योग के 10 फायदे

योग भारत की प्राचीन संस्कृति का गोरवमयी हिस्सा है जिसकी वजह से भारत सदियों तक विश्व गुरु रहा है | योग एक ऐसी सुलभ एवं प्राकृतिक पद्धति है जिससे स्वस्थ मन एवं शरीर के साथ अनेक आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं | जिस योग को स्वामी रामदेव जी महाराज ने गुफाओं और कंदराओं से निकालकर आम जन तक पहुँचाया था उसी योग को प्रधानमंत्री श्री नरेंदर मोदी ने एक कदम आगे बढाकर विश्व पटल पर स्थापित कर दिया है।

अपनाएं योग रहें निरोग

यह योग में विश्व का दृढ विश्वास ही है की जिसकी वजह से 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस ( International Yoga Day ) मनाये जाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रखे गये प्रस्ताव को 177 देशो ने अत्यंत सीमित समय में पारित कर दिया l

योग क्या है ?

योग शब्द संस्कृत की ‘युज’ धातु से बना है जिसका अर्थ है जोड़ना यानि शरीर,मन और आत्मा को एक सूत्र में जोड़ना |योग के महान ग्रन्थ पतंजलि योग दर्शन में योग के बारे में कहा गया है|

“ योगश्च चित्तवृत्ति निरोध : “ l

यानि मन की वृत्तियों पर नियंत्रण करना ही योग है l

गीता में कहा गया है – योग: कर्मसु कौशलम l

यानि कर्मों में कौशल या दक्षता ही योग है।

योग के 10 फायदे  / Benefits of Yoga in Hindi

1) योग का प्रयोग शारीरिक , मानसिक और आध्यत्मिक लाभों के लिए हमेशा से होता रहा है l आज की चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है |

2) जहाँ जिम आदि से शरीर के किसी खास अंग का ही व्यायाम होता है वहीँ योग से शरीर के समस्त अंग प्रत्यंगों,ग्रंथियों का व्यायाम होता है जिससे अंग प्रत्यंग सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं |

3) योगाभ्यास से रोगों से लड़ने की शक्ति बढती है | बुढ़ापे में भी जवान बने रह सकते हैं त्वचा पर चमक आती है शरीर स्वस्थ,निरोग और बलवान बनता है |

4) जहाँ एक तरफ योगासन मांस पेशियों को पुष्टता प्रदान करते हैं जिससे दुबला पतला व्यक्ति भी ताकतवर और बलवान बन जाता है वहीँ दूसरी ओर योग के नित्य अभ्यास से शरीर से फैट कम भी हो जाता है इस तरह योग कृष और स्थूल दोनों के लिए फायदेमंद है |

5) योगासनों के नित्य अभ्यास से मांसपेशियों का अच्छा व्यायाम होता है | जिससे तनाव दूर होकर अच्छी नींद आती है, भूख अच्छी लगती है, पाचन सही रहता है|

6) प्राणायाम के लाभ – योग के अंग प्राणायाम एवं ध्यान भी योगासनों की तरह शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हैं, प्राणायाम के द्वारा श्वास प्रश्वास की गति पर नियंत्रण होता है जिससे श्वसन संस्थान सम्बन्धित रोगों में बहुत फायदा मिलता है | दमा, एलर्जी, साइनोसाइटिस,पुराना नजला, जुकाम आदि रोगों में तो प्राणायाम बहुत फायदेमंद है ही साथ ही इससे फेफड़ों की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता बढ़ जाती है जिससे शरीर की कोशिकाओं को ज्यादा ऑक्सीजन मिलने लगती है जिसका पूरे शरीर पर सकारात्मक असर पड़ता है |

7) ध्यान के लाभ – ध्यान भी योग का अतिमहत्वपूर्ण अंग है | आजकल ध्यान यानि मेडिटेशन का प्रचार हमारे देश से भी ज्यादा विदेशों में हो रहा है आज की भौतिकता वादी संस्कृति में दिन रात भाग दौड़, काम का दबाव, रिश्तो में अविश्वास आदि के कारण तनाव बहुत बढ़ गया है | ऐसी स्तिथि में मेडिटेशन से बेहतर और कुछ नहीं है ध्यान से मानसिक तनाव दूर होकर गहन आत्मिक शांति महसूस होती है, कार्य शक्ति बढती है ,नींद अच्छी आती है | मन की एकाग्रता एवं धारणा शक्ति बढती है |

8) योग से ब्लड शुगर का लेवल घटता है और ये LDL या बैड कोलेस्ट्रोल को भी कम करता है। डायबिटीज रोगियों के लिए योग बेहद फायदेमंद है। ये भी पढ़ें : कैसे करें डायबिटीज कंट्रोल ?

9) कुछ अध्यनों में पाया गया है कि कुछ योगासनो और मैडिटेशन के द्वारा आर्थराइटिस, बैक पेन आदि दर्द में काफी सुधार होता है और दवा जी ज़रुरत कम होती जाती है।

10) योग शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है और दवाओं पर आपकी निर्भरता को घटता है।  बहुत सी स्टडीज में साबित हो चुका है कि अस्थमा , हाई ब्लड प्रेशर , टाइप २ डायबिटीज के मरीज योग द्वारा पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं।

संक्षेप में कहें तो योग केवल शारीरिक व्यायाम करने या रोगों को दूर करने वाली क्रिया नहीं है बल्कि जीवन को बेहतर बनाने वाली एक जीवन पद्यति है |

२१ जून को मनाये जा रहे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस International Yoga Day की आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं।  चलिए अपने जीवन को सफल एवं सार्थक बनाने के लिए हम सब योग अपनाएं।

कहीं आप भी ना हो जाएं ईमेल फ्रॉड के शिकार ? Email Frauds in Hindi

बच के रहना रे बाबा !

रिजर्व बैंक के गवर्नर श्री रघुराम राजन का नाम वैसे तो देश की अर्थ व्यवस्था और रिजर्व बैंक की नीतियों के चलते प्राय: सुर्खियों में रहता ही है, लेकिन यह नाम आजकल लॉटरी और ई-मेल से संबन्धित ठगी के कारण भी समाचार पत्रों में छाया रहता है।

आजकल बहुत बड़ी संख्या में लोगों को अनचाहे ई-मेल प्राप्त हो रहे हैं और इन ई-मेल मेँ रघुराम राजन ग्राहकों को जहाँ एक ओर तो 5.50 करोड़ की लॉटरी के विजेता होने के लिए बधाई दे रहे हें वहीँ दूसरी ओर 15500 या 18500 रुपए जमा करने के लिए भी कह रहे हैं। इन ई-मेल में राजन के नाम के अलावा उनके फोटो का उपयोग भी किया जा रहा है। जिस अधिकारी के खाते में उक्त राशि जमा करने के लिए कहा जा रहा है, उसे रिजर्व बैंक का ‘चीफ जनरल मैनेजर’ बताया गया हे।

इस जालसाजी में लिप्त लोग रिजर्व बैंक की फीस के नाम पर उक्त राशि मांग रहे हैं | मेल में यह भी कहा जा रहा हे कि सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान-कि-मून के साथ मीटिंग में उनके नाम का चयन किया गया है। साथ ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस मेल को किसी को भी न दिखाने का आग्रह भी किया जाता है।

कौन होता है email fraud का शिकर ?

ई-मेल के माध्यम से इन ठगी के कई रूप हैं। मूलतः ये सभी प्रयास ई-मेल प्राप्त कर्ता के अंतर में छिपी बिना प्रयास के दौलत हासिल करने की लालसा का लाभ उठाते हैं। आरंभ में मांग बहुत छोटी राशि की होती है, और एक बार जाल मेँ फँसने के बाद ये राशि बढ़ती जाती है। इस प्रकार की ठगी के मामले कोई इक्का दुक्का नहीं हैं। हाल ही मेँ रिजर्व बैंक के नाम के जरिये धोखाधड़ी के मामलों मेँ अचानक वृद्धी हुई है। कई ऐसे व्यक्तियों से बात करने का मौका मिला जिन्होने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया की वे भी इस तरह ठगी का शिकार हो चुके हैं, लेकिन कई हजारों की चपत लगने के बावजूद वे चुपचाप बैठ गए क्योंकि व्यर्थ पुलिस के झंझटों मेँ कोई पड़ना नहीं चाहता। एक प्रमुख बैंक के रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी के साथ इसी प्रकार की एक बहुत बढ़ी ठगी की घटना हुई जिसमें वे रिटायरमेंट के समय मिली लाखों की धन राशि से हाथ धो बैठे !!

ठगी का जाल कैसे बुन जाता है ?

चूंकि आजकल ई-मेल का उपयोग बहुत ही आम हो गया है, इसलिए ये हादसा अब किसी के साथ कभी भी, कहीं भी हो सकता है। आइये, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैले जालसाजी और ठगी के विभिन्न प्रयासों पर एक नज़र डालें ताकि इनके फंदे मेँ फँसने से बचा जा सके।

‘लॉटरी’ के माध्यम से ठगी काफी समय से चल रहा एक पारंपरिक ई-मेल फ़्राड है। ई-मेल के विवरण और तथ्यों में थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है लेकिन मूल तत्व  एक ही होता हे। आपको बधाई देते हुए ये बताया जाता है कि आपका ई-मेल एड्रैस एक रैनडम कम्प्युटर सर्च द्वारा चयनित किया गया है और ये सारा कार्यक्रम एक मार्केटिंग कंपनी द्वारा प्रायोजित है। चूंकि इस कार्यक्रम की इनामी राशि कई मिलियन डॉलर्ज़ या पाउंड्स है, इसलिए ये राशि सीधे आपके बैंक खाते में ही अंतरित की जाएगी। अतः आप अपने बैंक खाते, मोबाइल नंबर, पत्राचार का पता आदि पूर्ण विवरण भेज दें ताकि इनामी राशि भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। कई बार ये भी कहा जाता है की आप हमारे claim agent या award विभाग से संपर्क करें।

एक नए प्रकार की ठगी का प्रयास भी सामने आया है, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से कथित रूप से जारी डेबिट और क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रकार के कार्ड में यह निर्देश होते हैं कि कार्ड के जरिये एक निश्चित राशि किसी विशेष खाते से एटीएम के माध्यम से निकली जा सकती है। आरंभ में ये राशि छोटी होती है। कार्ड प्राप्त होने के पश्चात जब व्यक्ति एटीएम से नकदी प्राप्त करने में सफल हो जाता है तो वह उस कार्ड को सही मान कर विश्वास कर लेता है। बाद में उस से कहा जाता हे, कि उस खाते में कोई बड़ी राशि जमा करा दे, चूंकि एक बार वो खाते से नकद राशि प्राप्त कर चुका है, अतः अति आत्म विश्वास से भर कर वह एक बड़ी राशि जमा करा देता है। लेकिन उसके बाद, न तो वो कार्ड काम करता हे न ही उस खाते के बारे में कुछ पता लगता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में आमजन के लिए एक चेतावनी भी जारी की है जिसमें रिजर्व बैंक की ओर से कथित रूप से जारी डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बचने की सलाह दी गयी है क्योंकि रिजर्व बैंक ऐसे डेबिट या क्रेडिट कार्ड कभी जारी ही नहीं करता है। रिजर्व बैंक ने परिपत्र में ये भी स्पष्ट किया गया है कि वह कोई कमर्शियल बैंक नहीं है न ही पब्लिक से संभन्धित लेन देन में उसकी कोई भूमिका होती है। साथ ही, रिजर्व बैंक किसी भी प्रकार के चालू, बचत, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग आदि से संबन्धित लेन देन में संलग्न नहीं है।
ठगी के इन ई-मेलों में आजकल एक मेल लोगों को जेफ़िथ23 के रेडिफ्मेल अकाउंट से भेजा जा रहा है जिसके अनुसार यह प्रयास ‘पब्लिक रेकॉर्ड’ की एक गोपनीय जांच से संबन्धित है। इस मेल में कोई बेरिस्टर जोसफ फेथ हें जो कि एक मृतक के वकील हैं। इनके अनुसार मृतक काफी धनवान व्यक्ति था और वो एक हवाई दुर्घटना का शिकार हो गया लेकिन वह कोई वसीयत छोड़ कर नहीं गया है, न ही उसका कोई उत्तराधिकारी है और चूंकि दोनों के उपनाम एक ही हैं इसलिये अपने पूरे विवरण के साथ बेरिस्टर से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
ऐसा ही एक मेल मिसेस जूलिएट की याहू ‘आइडी’ से भेजा जा रहा है, इस मेल के अनुसार इंटरनेट पर सर्च करते हुए उन्हे यह मेल एड्रैस मिला। वो भारत में एक ईमानदार पार्टनर की तलाश में हैं। वे एक स्वस्थ मित्र संबंध बनाना चाह रही हैं और धीरे धीरे इस मित्रता और बात चीत के सिलसिले को आगे बढ़ाना चाहेंगी। यदि सब कुछ ठीक रहा तो हो सकता हे भविष्य में कोई स्थायी संबंध बन जाए। इस मेल में ये कहा गया है कि जवाब उनकी प्राइवेट मेल पर दिया जाए जिससे कि वे अपने फोटो भेज सकें। और अंत में, अगर दिल मिल गए तो भौतिक दूरी का कोई अर्थ ही नहीं है !!
इन ई-मेल ठगों ने अमेरीकन एजेंसी ‘एफ़बीआई’ को भी नहीं छोड़ा ! कई बार मेल एफ़बीआई के आधिकारिक आदेश के रूप में होते हैं जो की एफ़बीआई की आतंकवादी विरोधी और मोनिट्रिंग अपराध शाखा द्वारा जारी होने की बात कहते हैं, इस में ये बताया जाता है की एफ़बीआई की नाइजेरियान यूनिट ने इस बात की पुष्टि की हे की वह कई मिलियन डॉलर की सम्पदा का उत्तराधिकारी बन गया है।
किसी माफिया को हत्या करने की ‘सुपारी’ देने का प्रचलन मुंबई में काफी समय से है। माफिया और बॉलीवुड के संबंध और सुपारी देने की कहानियों पर कई फिल्में भी बनी हैं। जालसाजों द्वारा भेजी गयी मेल में ये सूचित किया जाता हे कि आपके बहुत ही निकट संबंधी ने जान से मारने के लिए उसे सुपारी दी है और यदि आप एक निश्चित राशि ‘सुपारी’ लेने वाले व्यक्ति को दे देते हैं तो वो नहीं मारेगा। कभी कभी तो ये भी प्रस्ताव होता हे की अगर राशि पर्याप्त है तो वो सुपारी देने वाले व्यक्ति को ही खतम कर देगा।
वर्ष 2006 से 2008 के दौरान निवेश योजनाओं के माध्यम से ठगी करने के लिए ई-मेलों का उपयोग बड़े व्यापक स्तर पर किया गया। इस प्रकार की ई-मेल में निवेश की गयी राशि पर बहुत ऊंची दर पर ब्याज का लुभावना प्रस्ताव दिया जाता है, साथ ही इस बात के लिए भी आश्वस्त किया जाता हे कि ऊंचे रिटर्न के साथ जोखिम बिलकुल नहीं है। इस प्रकार के ई-मेल में अधिकतर एक बैंक के नाम का प्राय: उपयोग किया जाता था जिसका नाम ‘फ़िफ्थ थर्ड बैंक’ था।
युवा वर्ग में ऑनलाइन डेटिंग आजकल बहुत ही प्रचलन में है। ये प्राय: डेटिंग इंटरनेट साइट से शुरू होते हैं और फिर धीरे धीरे व्यक्तिगत ई मेल, ऑनलाइन चैट रूम, और सोशल मीडिया साइटस तक पहुँच जाते हैं। आपको ये बताया जाता हे कि आपका फोटो, फोन नंबर और नाम एक विशेष साइट पर पोस्ट किए गए हैं। जिसके अनुसार आप एक ‘चीटर’ यानि की धोखेबाज हैं। और फिर एक मामूली सी राशि के बदले आपको उस साइट को देखने या ‘व्यू’ की पेशकश की जाती हे। तत्पश्चात आपको ये ऑप्शन दिया जाता हे कि यदि आप एक मुश्त बड़ी राशि का भुगतान कर देंगे तो आपका नाम हटा दिया जाएगा।
Phishing / / ‘फिशिंग’ ठगी या जालसाजी का प्रचलित तरीका है। इस प्रकार के मेल द्वारा आपको किसी बड़े बैंक या संस्थान की वास्तविक जैसी ही दिखने वाली साइट की तरफ डाइवर्ट किया जाता है। और आपसे कहा जाता हे की आप अपनी सभी विवरण जैसे पासवर्ड आदि उस नकली साइट में फीड कर दें, जहां से ये पासवर्ड ठगों द्वारा अपने कब्जे में ले लिए जाएंगे और फिर आपके खाते से कोई भी रकम या आपके क्रेडिट कार्ड का अनाधिकृत उपयोग किया जाएगा।
ठगी से कैसे बचा जा सकता है ?
उपरोक्त के अलावा ई-मेल के माध्यम से ठगी के कई अन्य रूप भी हो सकते हैं। जैसे कि कोई रोमांटिक प्रस्ताव, विदेश में बहुत ऊंचे वेतन पर कोई नौकरी, यूएनओ में कोई हाइ प्रोफ़ाइल जॉब का अवसर आदि। उपरोक्त ई- मेलों के अवलोकन से यह तो स्पष्ट हे कि इन ‘मेलों’में जितनी भी ‘कहानियाँ’ लिखी जा रही हैं उनका उद्देश्य एक प्रकार का भ्रम उत्पन्न करना है ताकि ई-मेल प्राप्त कर्ता मेल में लिखी बातों को सच समझे और जिस से कि धीरे-धीरे उसके चारों और जालसाजी का ताना बाना बुना जा सके। एक बार आपने किसी भी छोटी सी राशि का भुगतान कर दिया तो फिर मांग बढ़ती जाएगी। और फिर, आपकी मेहनत की कमाई पर हाथ साफ किया जाएगा।

इसलिए जब भी आप के इनबॉक्स में इस तरह का कोई मेल आए तो निम्न सावधानियाँ बरतें –

ऐसी मेल में दी गयी किसी भी लिंक पर कभी भी क्लिक न करें।
कभी भी मेल का जवाब न दें और न ही भेजने वाले से संपर्क करें।
यदि आपने किसी साइट पर कोई लिंक खोल लिया है तो जो भी संबन्धित साइट खुले उस पर कभी भी कोई व्यक्तिगत जानकारी न दें।
ई मेल के साथ आए किसी भी एटेचमेंट को कभी भी न खोलें।
इसके आलावा भी जब कभी आप internet पर कोई financial transaction कर रहे हों तो साईट के url में चेक कर लें कि “https://” लिखा हो।
ठगी का शिकर होने के बाद क्या करें?

उपरोक्त सभी सावधानियों के बावजूद, अगर आप ई-मेल फ़्रौड का शिकार हो गए है और आर्थिक हानि भी हो गयी है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और सारे घटना क्रम की जानकारी दें। मामले कि गंभीरता के हिसाब से पुलिस कि ‘साइबर सेल’ और रिजर्व बैंक के फ़्राड सेल या विभाग को अपने साथ हुई घटना की जानकारी अवश्य दें। भारतीय रिजर्व बैंक समय समय पर इस प्रकार की ठगी में इस्तेमाल किए गए तरीकों की जानकारी देने के लिए ‘नोटिफ़िकेशन’ जारी करता है, समाचार पत्रों के माध्यम से भी आमजन को सूचित करता है। रिजर्व बैंक की आधिकारिक वैबसाइट पर जा कर इस संबंध मैं अधिक जानकारी ली जा सकती है। साथ ही, आप अपने मित्रों, संबंधियों और परिचितों को इस प्रकार के मामलों की जानकारी अवश्य दें ताकि वे सचेत रहें। इस तरह से आप जालसाजों को एक नए शिकार को अपने जाल में फँसाने से बचा सकते हैं।

धन्यवाद

खुश रहने वाले लोगों की 7 आदतें

Be Happy

The 7 Habits of Happy People

खुश  रहने  वाले  लोगों  की  7 आदतें

Friends, खुश  रहना  मनुष्य  का जन्मजात  स्वाभाव  होता  है . आखिर  एक  छोटा  बच्चा  अक्सर  खुश  क्यों  रहता  है ? क्यों  हम  कहते  हैं  कि  childhood days life के  best days होते  हैं ? क्योंकि  हम  पैदाईशी  HAPPY होते  हैं ;  पर  जैसे -जैसे  हम  बड़े  होते  हैं  हमारा  environment, हमरा समाज  हमारे  अन्दर  impurity घोलना  शुरू  कर  देता  है ….और  धीरे -धीरे  impurity का  level इतना  बढ़  जाता  है  कि  happiness का  natural state sadness के  natural state में  बदलने  लगता  है .

पर  ऐसा  सबके  साथ  नहीं  होता  है  दुनिया  में  ऐसे बहुत से  लोग  हैं  जो  अपनी  Happy रहने  की  natural state को  बचाए  रख  पाते  हैं  और  Life-time खुशहाल  रहते  हैं .

तो  क्या  ऐसे  व्यक्ति  हमेशा  खुश  रहते  हैं ?  नहीं , औरों  की  तरह  उनके  जीवन  में  भी  दुःख-सुख  का  आना  जाना  लगा  रहता  है ,  पर  आम तौर  पर  ऐसे  व्यक्ति  व्यर्थ की   चिंता  में  नहीं  पड़ते और  अक्सर  हँसते -मुस्कुराते  और  खुश  रहते  हैं .

तो  सवाल  ये  उठता  है  कि  जब  ये  लोग  खुश  रह  सकते  हैं  तो बाकी  सब  क्यों  नहीं ?आखिर उनकी ऐसी कौन सी आदतें हैं जो  उन्हें दुनिया भर की टेंशन के बीच भी खुशहाल बनाये रखती हैं ? आज  इस  लेख  के  जरिये  मैं  आपके  साथ  खुशहाल लोगों की 7 आदतें share करने जा रहा हूँ  जो  शायद  आपको  भी  खुश  रहने  में  मदद  करें .तो  आइये  जानते  हैं उन सात आदतों को :

Habit 1: खुश  रहने  वाले  अच्छाई  खोजते  हैं  बुराई  नहीं :

Human beings की  natural tendency होती  है  कि  वो  negativity को  जल्दी  catch करते  हैं . Psychologists इस  tendency को  “Negativity bias” कहते  हैं .  अधिकतर  लोग  दूसरों  में  जो कमी  होती  है  उसे  जल्दी देख  लेते  हैं  और  अच्छाई  की  तरफ  उतना  ध्यान  नहीं  देते  पर  खुश  रहने  वाले  तो  हर एक चीज  में , हर एक  situation में  अच्छाई  खोजते  हैं , वो  ये  मानते  हैं  कि  जो  होता  है  अच्छा  होता  है .  किसी  भी  व्यक्ति  में  अच्छाई  देखना  बहुत  आसान  है ,बस  आपको  खुद  से  एक  प्रश्न  करना  है , कि , “ आखिर  क्यों  यह  व्यक्ति  अच्छा  है ?” , और  यकीन  जानिये  आपका  मस्तिष्क  आपको  ऐसी  कई  अनुभव और  बातें  गिना  देगा  की  आप  उस  व्यक्ति  में  अच्छाई  दिखने  लगेगी .

एक  बात  और , आपको  अच्छाई  सिर्फ  लोगों  में  ही  नहीं  खोजनी  है , बल्कि  हर एक  situation में  आपको  positive रहना  है  और  उसमे  क्या  अच्छा  है  ये  देखना  है . For example , अगर  आप  किसी  job interview में  select नहीं  हुए  तो  आपको  ये  सोचना  चाहिए  कि  शायद  भागवान  ने  आपके  लिए  उससे  भी  अच्छी  job रखी  है जो आपको देर-सबेर  मिलेगी, और आप किसी अनुभवी व्यक्ति से पूछ भी सकते हैं, वो भी आपको यही बताएगा .

Habit 2: खुश  रहने  वाले  माफ़  करना  जानते  हैं  और  माफ़ी  माँगना  भी :

हर  किसी  का  अपना -अपना  ego होता  है , जो  जाने -अनजाने  औरों  द्वारा  hurt हो  सकता  है . पर  खुश  रहने  वाले  छोटी -मोती  बातों को  दिल  से  नहीं  लगाते  वो   माफ़  करना  जानते  हैं , सिर्फ  दूसरों  को  नहीं  बल्कि  खुद  को  भी .

और  इसके  उलट  यदि  ऐसे  लोगों  से  कोई  गलती  हो  जाती  है , तो  वो  माफ़ी  मांगने  से  भी  नहीं  कतराते . वो  जानते  हैं  कि  व्यर्थ  का  ego उनकी  life को  complex बनाएगा  इसलिए  वो  “Sorry” बोलने  में  कभी  कंजूसी  नहीं  करते . मुझसे  भी जब गलती होती है तो मैं  कभी  उसे  सही  ठहराने  की  कोशिश  नहीं करता  और  उसे  स्वीकार  कर  के  क्षमा  मांग  लेता  हूँ .

माफ़  करना  और  माफ़ी  माँगना  आपके  दिमाग  को  हल्का  करता  है , आपको  बेकार   की  उलझन  और  परेशान  करने  वाली  thoughts से  बचाता  है , और  as a result आप  खुश  रहते  हैं . शिखा  जी  द्वारा  लिखा  गया  एक  बेहेतरीन  लेख “क्षमा  करना  क्यों  है  ज़रूरी ?” मैं  आपके साथ  पहले  ही  share कर  चुका  हूँ . यह  लेख   forgiveness के  बारे  में  आपकी   समझ  को  बेहतर  बना  सकता  है , इसे  ज़रूर  पढ़ें .

Habit 3: खुश  रहने  वाले  लोग  अपने  चारो  तरफ  एक  strong support system develop करते  हैं :

ये   support system दो  pillars पे  टिका  होता  है  Family and Friends( F&F). ज़िन्दगी  में  खुश  रहने  के  लिए   F&F का  बहुत  बड़ा  योगदान  होता  है . भले  आपके  पास  दुनिया  भर  की  दौलत  हो  , शोहरत  हो  लेकिन  अगर  F&F नहीं  है  तो  आप  ज्यादा  समय  तक  खुश  नहीं  रह  पायेंगे .

हो  सकता  है  ये  आपको  बड़ी  obvious सी  बात  लगे , ये  लगे  की  आपके  पास  भी  बड़े  अच्छे  दोस्त   हैं  और  बहुत  प्यार  करने  वाला  परिवार  है , लेकिन  इस  पर  थोडा  गंभीरता  से  सोचिये . आपके  पास  ऐसे  कितने   friends हैं , जिन्हें  आप  बिना  किसी  झिझक  के  रात  के  3 बजे  भी  phone कर  के  उठा सकें  या कभी भी financial help ले सकें?

Family and friends को  कभी  भी for granted नहीं  लेना  चाहिए , एक  strong relationship बनाने  के  लिए  आपको  अपने  हितों  से  ऊपर  उठ  कर  देखना  होता  है . , दूसरे  की  care करनी  होती  है , और  उन्हें   genuinely like करना  होता  है . जितना  हो  सके  अपने  रिश्तों  को  बेहतर  बनाएं  , छोटी -छोटी  चीजें  जैसे  कि  Birthday wish करना, बधाई  देना , सच्ची  प्रशंशा  करना , मुस्कुराते  हुए  मिलना , गर्मजोशी  से  हाथ  मिलाना , गले  लगना  आपके  संबंधों  को  प्रगाढ़  बनता  है . और  जब  आप  ऐसा  करते  हैं  तो  बदले  में  आपको  भी  वही  मिलता  है और  आपकी  ज़िन्दगी  को  खुशहाल  बनाता  है .

Habit 4: खुश  रहने  वाले  अपने  मन  का  काम  करते  हैं  या  जो  काम  करते  हैं  उसमे  मन  लगाते हैं :

यदि  आप  अपने  interest का,  अपने  मन  का  काम  करते  हैं  तो  definitely वो  आपके  Happiness Quotient को  बढ़ाएगा ,  लेकिन  ज्यादातर  लोग  इतने  lucky नहीं  होते , उन्हें  ऐसी  job या  business में  लगना   पड़ता  है  जो  उनके  interest के  हिसाब  से  नहीं  होतीं . पर  खुश  रहने  वाले  लोग  जो  काम  करते  हैं  उसी  में  अपना  मन  लगा  लेते  हैं , भले  ही  parallely वो  अपना  पसंदीदा  काम   पाने  का  प्रयास  करते  रहे .

मैंने  कई  बार  लोगों  को जहाँ job करते हैं उस  company की  बुराई  करते  सुना  है , अपने  काम  को  दुनिया  का  सबसे  बेकार  काम  कहते  सुना  है , ऐसा  करना  आपकी  life को  और  भी  difficult बनता  है . खुश  रहने  वाले  अपने  काम  की  बुराई  नहीं  करते  , वो  उसके   सकारात्मक  पहलुओं  पर  focus करते  हैं  और  उसे  enjoy करते  हैं .

मगर  , यहाँ  मैं  यह  ज़रूर  कहना  चाहूँगा  कि   यदि  हम  दुनिया  के  सबसे  खुशहाल  लोगों को देखें  तो  वो  वही लोग  होंगे  जो  अपने  मन  का  काम  करते  हैं , इसलिए  यदि  आप  जो  कर  रहे  हैं  उसे   enjoy करना  , उससे   सीखना  अच्छी  बात  है   पर  Steve Jobs  की कही बात भी याद रखिये: “आपका काम आपकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा होगा, और truly-satisfied होने का एक ही तरीका है की आप वो करें जिसे आप सच-मुच एक बड़ा काम  समझते हों…और बड़ा काम करने का एक ही तरीका है की आप वो करें जो करना आप enjoy करते हों.”

Habit 5: खुश  रहने  वाले  हर  उस  बात  पर  यकीन  नहीं  करते  जो  उनके  दिमाग  में  आती  हैं :

Scientists के अनुसार  हमारा  brain हर  रोज़  60,000 thoughts produce करता  है  , और  एक  आम  आदमी  के  case में  इनमे  से  अधिकतर  thoughts negative होती  हैं . अगर  आप  daily अपने  brain को  हज़ारों  negative thoughts से  feed करेंगे  तो  खुश  रहना  तो  मुश्किल  होगा  ही . इसलिए  खुश  रहने  वाले  व्यक्ति   दिमाग  में  आ  रहे     बुरे  विचारों  को  अधिक  देर  तक  पनपने  नहीं  देते . वो  benefit of doubt देना   जानते  हैं , वो  जानते  हैं  कि  हो  सकता  है  जो  वो  सोच  रहे  हैं  वो  गलत  हो  , जिसे  वो  बुरा  समझ  रहे  हैं  वो  अच्छा  हो . ऐसा  कर  के  इंसान  relax हो  जाता  है , दरअसल  हमारी  सोच  के  हिसाब  से  brain में  ऐसे  chemical release होते  हैं  जो  हमारे  मूड  को  खुश  या  दुखी  करते  हैं .

जब  आप  नकारात्मक  विचारों  को  सच  मान  लेते  हैं  तो  आप  का  blood pressure बढ़ने  लगता  है  और  आप  tensionize हो  जाते  हैं , वहीँ  दूसरी  तरफ  जब  आप  उस  पर  doubt कर  देते  हैं  तो  आप  अनजाने  में  ही  brain को  relaxed रहने  का  signal दे  देते  हैं .

Habit 6: खुश  रहने  वाले  व्यक्ति  अपने  जीवन  या  काम  को  किसी  बड़े  उद्देश्य  से जोड़ कर देखते हैं :

एक  बार  एक  बूढी  औरत  कहीं  से आ  रही  थी  कि  तभी  उसने  तीन  मजदूरों  को  कोई  ईमारत बनाते  देखा  . उसने  पहले  मजदूर  से  पूछा  ,” तुम  क्या  कर  रहे  हो  ?”, “ देखती  नहीं  मैं  ईंटे  ढो   रहा  हूँ .” उसने  जवाब  दिया .

फिर  वो  दुसरे  मजदूर  के  पास  गयी  और उससे  भी  वही  प्रश्न किया ,” तुम  क्या  कर  रहे  हो ?” ,” मैं  अपने  परिवार  का  पेट  पालने  के  लिए  मेहनत – मजदूरी  कर  रहा  हूँ ?’ उत्तर  आया  .

फिर वह  तीसरे  मजदूर  के  पास  गयी  और  पुनः  वही  प्रश्न   किया ,” तुम  क्या  कर  रहे  हो ?,

उस  व्यक्ति  ने  उत्साह  के  साथ  उत्तर  दिया , “ मैं  इस  शहर  का  सबसे  भव्य   मंदिर  बना  रहा  हूँ ”

आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इन तीनों में से कौन  सबसे अधिक खुश होगा!

दोस्तों, इस  मजदूर  की  तरह  ही  खुश  रहने  वाले  व्यक्ति  अपने  काम   को  किसी  बड़े  उद्देश्य   से  जोड़   कर  देखते  हैं , और   ऐसा  करना  वाकई  उन्हें  आपार  ख़ुशी  देता  है . ऐसा  मैं  इसलिए  भी  कह  पा  रहा  हूँ  क्योंकि  मैं  AchhiKhabar.Com को  भी  कुछ  इसी  तरह  देखता  हूँ .  मैं  ये  सोचता  हूँ  कि  इस  site के  जरिये  मैं  लाखों -करोड़ों  लोगों  की  ज़िन्दगी  को  बेहतर  बना  सकता  हूँ . मैं  हमेशा  यही  प्रयास  करता  हूँ  कि  कैसे  अच्छी  से  अच्छी  बातें  share करूँ  कि  पढने  वालों  की  life में  positive changes आएं , और  शायद  यही  वज़ह  है  कि  मैं  इस  काम   से  कभी  थकता  नहीं  हूँ  और  इसे  कर  के  सचमुच  बहुत  खुश  और  संतुष्ट  होता  हूँ .

Habit 7: खुश  रहने  वाले व्यक्ति अपनी  life में  होने  वाली  चीजों  के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हैं :

खुश  रहने वाले व्यक्ति  responsibility लेना  जानते  हैं . अगर  उनके  साथ  कुछ  बुरा  होता  है  तो  वो  इसका  blame दूसरों  पर  नहीं  लगाते , बल्कि  खुद  को  इसके  लिए  जिम्मेदार  मानते  हैं .For example: अगर  वो  office के  लिए  late होते  हैं  तो  traffic jam को  नहीं  कोसते  बल्कि  ये  सोचते  हैं  कि  थोडा  पहले  निकलना  चाहिए  था .

अपनी  success का  credit दूसरों  को  भले  दे  दें  लेकिन  अपनी  failure के लिए खुद को ही जिम्मेदार मानें  . जब  आप  अपने  साथ  होने  वाली  बुरी  चीजों  के  लिए  दूसरों  को  दोष  देते  हैं  तो  आपके  अन्दर  क्रोध  आता  है , पर  जब  आप  खुद  को  जिम्मेदार  मान  लेते  हैं  तो  आप  थोडा  disappoint होते  हैं  और  फिर चीजों  को  सही करने के प्रयास में जुट जाते हैं . मैं  खुद   भी  अपनी  life में  होने  वाली  हर  एक  अच्छी  – बुरी  चीज  के  लिए  खुद  को  जिम्मेदार  मानता  हूँ . ऐसा  करने  से  मेरी  energy दूसरों  में  fault खोजने  की  जगह  खुद  को  improve करने  में  लगती  है , और  ultimately मेरी  happiness को  बढाती  है .

Friends, हो  सकता  है  आप  इनमे  से  कुछ बातों  को  already follow करते  हों  partially या  शायद  पूरी  तरह  से . पर  यदि  किसी  भी  Habit में  खुद  को  थोडा  सा   भी  improve करेंगे  तो  वो  definitely आपकी  happiness को  बढ़ाएगा . Personally मुझे  Habit 2 में  माफ़  करने  वाले  part को  improve करना  है .  तो  चलिए  हम  सब  साथ -साथ  अपने  Happiness Quotient को  बढ़ाते  हैं  और  एक  खुशहाल  जीवन  जीने  का  प्रयास  करते  हैं .

All the best!

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